Big Update 1 Year BEd Course Start 2026: भारत में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। साल 2026 से फिर से 1 साल का B.Ed कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से चल रहे 2 वर्षीय बीएड कार्यक्रम के बाद यह बदलाव लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है। अब योग्य उम्मीदवार कम समय में अपनी प्रोफेशनल डिग्री पूरी कर सकेंगे और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में जल्दी शामिल हो पाएंगे।
करीब एक दशक पहले B.Ed को दो साल का किया गया था, जिससे छात्रों का समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे। अब नए प्रस्ताव के तहत पात्र अभ्यर्थियों को एक वर्षीय कोर्स का विकल्प मिलेगा। इससे शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने की राह पहले से आसान और तेज हो सकती है।
Big Update 1 Year BEd Course Start 2026: क्या है नया फैसला?
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम कर रही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने संकेत दिए हैं कि 2026 से एक वर्षीय B.Ed कार्यक्रम दोबारा शुरू किया जा सकता है।
2014 के बाद B.Ed को अनिवार्य रूप से दो वर्ष का कर दिया गया था। उस समय तर्क यह था कि इससे शिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी। लेकिन अब यह महसूस किया गया है कि पहले से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों के लिए दो साल का कोर्स काफी लंबा साबित हो रहा है।
नई व्यवस्था के तहत योग्य उम्मीदवारों को सिर्फ 1 साल में B.Ed पूरा करने का अवसर मिल सकता है।
किन छात्रों को मिलेगा 1 साल के B.Ed का मौका?
नई रूपरेखा के अनुसार यह कोर्स सभी के लिए नहीं होगा, बल्कि कुछ विशेष श्रेणियों के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जैसे:
- पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) पूरा कर चुके अभ्यर्थी
- चार वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री धारक
- शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक योग्य उम्मीदवार
इन छात्रों को कम अवधि में प्रोफेशनल प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे जल्दी TET, CTET और राज्य स्तरीय शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।
क्यों बदला गया पुराना नियम?
जब B.Ed को दो साल का किया गया था, तब उद्देश्य शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाना था। लेकिन समय के साथ यह समझ आया कि पहले से स्नातकोत्तर या इंटीग्रेटेड डिग्री धारकों के लिए यह अवधि जरूरत से ज्यादा लंबी हो रही है।
नई शिक्षा नीति 2020 में भी शिक्षा को लचीला और कौशल आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। इसी दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है ताकि योग्य युवाओं को जल्दी अवसर मिल सके और स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके।
एडमिशन प्रक्रिया कैसी हो सकती है?
संभावना है कि 2026 शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में यह कोर्स शुरू हो जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया में निम्न तरीके अपनाए जा सकते हैं:
- प्रवेश परीक्षा (कुछ राज्यों में)
- मेरिट आधारित चयन
- विश्वविद्यालय स्तर की काउंसलिंग
अंतिम दिशा-निर्देश आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
शिक्षक भर्ती पर क्या पड़ेगा असर?
1 साल का B.Ed कोर्स शुरू होने से कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
- शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तेज होगी
- युवाओं का समय और खर्च बचेगा
- स्कूलों में खाली पद जल्दी भरे जा सकेंगे
- प्रतियोगी परीक्षाओं में जल्दी भाग लेने का अवसर मिलेगा
चूंकि सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए B.Ed जरूरी योग्यता है, इसलिए यह फैसला लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
स्टूडेंट्स के लिए जरूरी सलाह
अगर आप शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो अभी से तैयारी शुरू करना बेहतर रहेगा। अपनी ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी रखें, TET और CTET के सिलेबस पर फोकस करें और 2026 में आने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखें।
साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि आप मान्यता प्राप्त संस्थान से ही B.Ed करें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निष्कर्ष
2026 से 1 साल का B.Ed कोर्स शुरू होने की खबर शिक्षा जगत में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। इससे योग्य और उच्च शिक्षित युवाओं को जल्दी शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा। यह कदम न केवल छात्रों के लिए राहतभरा है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यदि आप भी शिक्षक बनने की राह पर हैं, तो आने वाला समय आपके लिए नई संभावनाएं लेकर आ सकता है।