CBSE New Notice For Students: सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है, जिसमें दो बोर्ड परीक्षा पॉलिसी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कई छात्रों और अभिभावकों के मन में यह सवाल था कि क्या पहली परीक्षा छोड़कर सीधे दूसरी परीक्षा में बैठा जा सकता है।
अब बोर्ड ने इस पर पूरी तरह स्थिति साफ कर दी है। खास तौर पर पहली बार बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके रिजल्ट और अगले मौके पर पड़ सकता है। ऐसे में नियमों को समझना और समय पर परीक्षा में शामिल होना बेहद जरूरी हो गया है।
पहली बोर्ड परीक्षा अनिवार्य: बोर्ड ने क्या साफ किया?
सीबीएसई द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि कक्षा 10 के सभी छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य रहेगा। बोर्ड के अनुसार, पहली परीक्षा में उपस्थिति के आधार पर ही छात्र की आगे की कैटेगरी तय की जाएगी। यदि कोई छात्र कम से कम तीन विषयों में परीक्षा नहीं देता है, तो उसे “एसेंशियल रिपीट” श्रेणी में रखा जाएगा।
इसका मतलब साफ है कि ऐसे छात्रों को दूसरी परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगले वर्ष मुख्य परीक्षा का इंतजार करना होगा। कुछ छात्रों में यह भ्रम था कि पहली परीक्षा छोड़कर दूसरी परीक्षा में शामिल होकर कक्षा पास की जा सकती है, लेकिन बोर्ड ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमों को ध्यान से समझें और पहली परीक्षा अवश्य दें।
नोटिस में दी गई मुख्य बातें – एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा बोर्ड | Central Board of Secondary Education (CBSE) |
| कक्षा | 10वीं |
| पहली परीक्षा | सभी छात्रों के लिए अनिवार्य |
| न्यूनतम उपस्थिति | कम से कम तीन विषयों में शामिल होना जरूरी |
| अनुपस्थित छात्र | “Essential Repeat” श्रेणी में रखे जाएंगे |
| दूसरी परीक्षा | केवल पात्र छात्रों को अवसर |
| कम्पार्टमेंट | निर्धारित नियमों के अनुसार अनुमति |
| आधिकारिक वेबसाइट | cbse.gov.in |
दूसरी परीक्षा में बैठने की पात्रता क्या होगी?
बोर्ड के अनुसार, दूसरी परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकेंगे जो पहली परीक्षा में निर्धारित नियमों के अनुसार शामिल हुए हों। जिन छात्रों ने पहली परीक्षा में तीन मुख्य विषयों तक सुधार (Improvement) की श्रेणी में आवेदन किया है, उन्हें दूसरी परीक्षा में मौका दिया जाएगा।
इसके अलावा जिन छात्रों का परिणाम कम्पार्टमेंट आता है, वे कम्पार्टमेंट कैटेगरी में दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। कुछ मामलों में कम्पार्टमेंट के साथ इम्प्रूवमेंट का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। हालांकि यह पूरी तरह पहली परीक्षा में उपस्थिति और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 पास करने के बाद एडिशनल या स्टैंड-अलोन विषय लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए छात्रों को विषय चयन और परीक्षा रणनीति सोच-समझकर बनानी होगी।
अगर पहली परीक्षा में शामिल नहीं हुए तो क्या होगा?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। यदि कोई छात्र किसी भी कारण से पहली बोर्ड परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को “एसेंशियल रिपीट” श्रेणी में रखा जाएगा।
इस स्थिति में छात्र को अगली मुख्य बोर्ड परीक्षा तक इंतजार करना पड़ेगा। इसका सीधा असर उसके शैक्षणिक वर्ष और आगे की पढ़ाई पर पड़ सकता है। इसलिए बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि पहली परीक्षा को हल्के में न लें। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आगे के सभी अवसरों का आधार है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छात्रों को चाहिए कि वे परीक्षा से पहले सभी दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें। अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और कम से कम तीन मुख्य विषयों में परीक्षा अवश्य दें। किसी भी तरह की अफवाह या अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें।
अभिभावकों को भी बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा नियमों का पालन कराने में सहयोग करना चाहिए। छोटी सी लापरवाही भविष्य पर बड़ा असर डाल सकती है।
आधिकारिक नोटिस कैसे देखें?
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
- होमपेज पर “Latest Notification” या संबंधित नोटिस लिंक को ढूंढना है।
- नोटिस लिंक पर क्लिक करना है।
- स्क्रीन पर पूरा नोटिस दिखाई देगा, जिसे ध्यान से पढ़ना है।
- जरूरत हो तो डाउनलोड करके सुरक्षित रखना है।
सीबीएसई का यह नया नोटिस छात्रों के लिए बेहद अहम है। पहली परीक्षा में शामिल होना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरी शर्त बन गया है। इसलिए सभी छात्र समय पर तैयारी करें और निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा दें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।